रियल एस्टेट का प्रचार कैसे करें
घर या प्लॉट खरीदने वाले हफ़्तों तक फ़ोन पर प्रॉपर्टी देखते हैं। Facebook और Instagram ऐड से आपका प्रोजेक्ट सही लोगों तक पहुँचता है, और WhatsApp बटन से वे तुरंत ब्रोशर और साइट विज़िट माँग सकते हैं।
प्रॉपर्टी ऐड के आइडिया
- एक प्रोजेक्ट, एक ऐड: अच्छी फोटो या छोटा वॉक-थ्रू वीडियो, लोकेशन, BHK और शुरुआती कीमत।
- साइट विज़िट वीकेंड: "इस शनिवार-रविवार पिक-अप के साथ फ्री साइट विज़िट"।
- रेडी-टू-मूव और अंडर-कंस्ट्रक्शन: अलग-अलग ऐड, क्योंकि खरीदार अलग होते हैं।
- किराया: बिज़नेस इलाकों के पास नौकरीपेशा लोगों के लिए फ़र्निश्ड फ़्लैट।
- प्लॉट और फ़ार्महाउस: शहर के बाहर के प्रोजेक्ट, कनेक्टिविटी के साथ।
टारगेटिंग
- दुकानों से बड़ा दायरा रखें, क्योंकि खरीदार पूरे शहर और आस-पास के कस्बों से आते हैं (Meta शहर के चारों ओर 80 km तक देता है)।
- ज़्यादातर घर खरीदारों के लिए उम्र 28–55; निवेशक अक्सर बड़ी उम्र के होते हैं।
- रुचियाँ: रियल एस्टेट, होम लोन, इंटीरियर डिज़ाइन, प्रॉपर्टी वेबसाइटें।
- हाउसिंग के ऐड पर Meta कुछ मामलों में "स्पेशल ऐड कैटेगरी" माँग सकता है, जिसमें कुछ टारगेटिंग सीमित हो जाती है।
पूछताछ को साइट विज़िट में बदलें
प्रॉपर्टी लीड जल्दी ठंडी पड़ती है। WhatsApp पर कुछ मिनटों में जवाब दें, ब्रोशर, लोकेशन पिन और छोटा वीडियो भेजें, फिर साइट विज़िट के दो तय समय बताएं।
कितना बजट रखें
बड़े शहरों में हर प्रोजेक्ट के लिए ₹400–₹1,000 रोज़; छोटे शहरों या रीसेल/किराये की लिस्टिंग के लिए ₹250–₹500 रोज़।
उदाहरण ऐड
टेक्स्ट: सेक्टर 62 में मेट्रो स्टेशन से 5 मिनट पर रेडी-टू-मूव 2 BHK फ़्लैट। पार्क फ़ेसिंग, कवर्ड पार्किंग, तुरंत पज़ेशन। ब्रोशर और फ्री साइट विज़िट के लिए मैसेज करें।
आज ही अपना पहला ऐड चलाएं
पहले 3 कैंपेन फ्री हैं — कोई प्लान ज़रूरी नहीं। ऐड बजट ₹100/दिन से।
फ्री में शुरू करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Facebook से रियल एस्टेट लीड कैसे मिलती है?
हर प्रोजेक्ट का अलग ऐड चलाएं, जिसमें साफ़ फोटो या वीडियो, लोकेशन और शुरुआती कीमत हो, और WhatsApp बटन रखें ताकि खरीदार तुरंत पूछ सकें। फिर जल्दी जवाब दें।
क्या प्रॉपर्टी ऐड में कीमत लिखनी चाहिए?
शुरुआती कीमत लिखने से वे लोग छँट जाते हैं जिनका बजट नहीं है, और आपका कॉल पर समय बचता है।
प्रॉपर्टी डीलर को कितना खर्च करना चाहिए?
दुकान से ज़्यादा, क्योंकि हर सौदा बड़ा होता है। बड़े शहरों में हर प्रोजेक्ट के लिए ₹400–₹1,000 रोज़ आम है।