स्कूल का प्रचार कैसे करें
पेरेंट्स स्कूल बहुत सोच-समझकर चुनते हैं, और उनमें से ज़्यादातर Facebook और Instagram पर हैं। एडमिशन कैंपेन से आस-पास के पेरेंट्स आपका कैंपस, टीचर्स और नतीजे देखते हैं और विज़िट के लिए आते हैं।
पेरेंट्स क्या देखना चाहते हैं
- असली फोटो और वीडियो: क्लासरूम, खेल का मैदान, लैब, बस और कार्यक्रम।
- सुरक्षा: CCTV, ट्रेंड स्टाफ़, महिला अटेंडेंट और बस ट्रैकिंग।
- टीचर-स्टूडेंट अनुपात और बोर्ड (CBSE, ICSE, स्टेट बोर्ड, मॉन्टेसरी आदि)।
- दूरी और ट्रांसपोर्ट आस-पास के इलाकों से।
- आसान अगला कदम: "कैंपस विज़िट बुक करें" या "फ़ीस स्ट्रक्चर के लिए WhatsApp करें"।
सही समय
भारत में ज़्यादातर एडमिशन पूछताछ अक्टूबर से मार्च के बीच आती है। फ़ॉर्म खुलते ही कैंपेन शुरू करें, और "ओपन हाउस" या "कैंपस टूर" वीकेंड के अलग ऐड चलाएं।
टारगेटिंग
- उतना दायरा जितने में आपकी बसें चलती हैं।
- पेरेंटिंग, बच्चों की शिक्षा और परिवार से जुड़ी रुचियाँ।
- कैंपस और गतिविधियों की फोटो लगाएं। पेरेंट्स की अनुमति के बिना बच्चों के पहचाने जाने वाले क्लोज़-अप न लगाएं।
कितना बजट रखें
एडमिशन सीज़न में ₹300–₹700 रोज़; बाकी साल पहचान बनाए रखने के लिए छोटा बजट।
उदाहरण ऐड
टेक्स्ट: CBSE पाठ्यक्रम, 1:20 टीचर अनुपात, CCTV कैंपस और वाकड-हिंजेवाड़ी में सुरक्षित बस सेवा। इस शनिवार लिटिल स्कॉलर्स के ओपन हाउस में आएं। अपना स्लॉट बुक करने के लिए WhatsApp करें।
आज ही अपना पहला ऐड चलाएं
पहले 3 कैंपेन फ्री हैं — कोई प्लान ज़रूरी नहीं। ऐड बजट ₹100/दिन से।
फ्री में शुरू करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्कूल को एडमिशन के ऐड कब शुरू करने चाहिए?
जैसे ही एडमिशन फ़ॉर्म खुलें, आम तौर पर अक्टूबर से, और सीटें भरने तक चलाते रहें।
क्या ऐड में बच्चों की फोटो लगा सकते हैं?
सिर्फ़ पेरेंट्स की लिखित अनुमति से। कई स्कूल कैंपस, गतिविधि और कार्यक्रम की ऐसी फोटो पसंद करते हैं जिनमें बच्चे क्लोज़-अप में न हों।
स्कूल के लिए सबसे अच्छा बटन क्या है?
'कैंपस विज़िट बुक करें' या 'फ़ीस के लिए WhatsApp करें', क्योंकि पेरेंट्स फ़ैसले से पहले स्कूल देखना चाहते हैं।